Sunday, March 25, 2012

चेहरे! कविता पर भी



चेहरे!


अजीब,
गरीब,
और हाँ, अजीबो गरीब!
मुरझाये,
कुम्हलाये,
हर्षाये,
घबराये,
शर्माये,
हसींन,
कमीन,
बेहतरीन,
नये,
पुराने
जाने,
पहचाने,
और हाँ ’कुछ कुछ’ जाने पहचाने,
अन्जाने,
बेगाने,
दीवाने
काले-गोरे,
और कुछ न काले न गोरे,
कुछ कि आँखों में डोरे,


कोरे,
छिछोरे,
बेचारे,
थके से,
डरे से,
अपने से,
सपने से,
मेरे,
तेरे,
न मेरे न तेरे,
आँखें तरेरे,


कुछ शाम,
कुछ सवेरे,


घिनौने,
खिलौने,
कुछ तो जैसे
गैईया के छौने,


चेहरे ही चेहरे!


पर कभी कभी,
मिल नही पाता,
अपना ही चेहेरा!
अक्सर भाग के जाता हूँ मैं,


कभी आईने के आगे,
और कभी नज़दीक वाले चौराहे पर!


हर जगह बस अक्श है,परछाईं है,
सिर्फ़  भीड है और तन्हाई है !




Also at   'सच मे'    http://www.sachmein.blogspot.in/2012/03/blog-post.html

17 comments:

अनुपमा पाठक said...

चेहरों के हुजूम में भी तनहा और एकाकी खोया सा अपना ही चेहरा...
सुन्दर अभिव्यक्ति!

दिगम्बर नासवा said...

वाह ... फिर से मज़ा आया पढ़ के ...

M VERMA said...

बहुत खूब
नूतन अंदाज़ और अंतर्द्वंद

Poonam Agrawal said...

Har jagah bas aks hai ,parchai hai ... bheed hai tanhai hai ...

Sunder bhaav ...

shama said...

Bahut dinon baad aapne 'kavita' blog pe likha! Badaa hee achha laga!

ana said...

shabd nahi mil rahe hai tarif ke liye...bahut badhiya

रविकर said...

बुधवारीय चर्चा मंच पर है
आप की उत्कृष्ट प्रस्तुति ।

charchamanch.blogspot.com

रविकर said...

बुधवारीय चर्चा मंच पर है
आप की उत्कृष्ट प्रस्तुति ।

charchamanch.blogspot.com

Kavita Rawat said...

हर जगह बस अक्श है,परछाईं है,
सिर्फ़ भीड है और तन्हाई है !
...bahut badiya...

सतीश सक्सेना said...

एक दम नया अंदाज़ ...
शुभकामनायें आपको !

expression said...

bahut sundar!!!!!!!!!!!!!!!!

सतीश सक्सेना said...

एकदम नया अंदाज़ ....
शुभकामनायें आपको !

देवेन्द्र पाण्डेय said...

वाह!

lifes' like this.. never fair never right said...

Kabhi socha na tha itni tarah ke chehre hote hain .. sundar rachana..



Rishi
http://manyyabsurdthoughts.blogspot.com/

Mukesh Kumar Sinha said...

haseen aur kameeen dono tarah ke:)

आशा जोगळेकर said...

वाह आदमी तेरे कितने चेहेरे फिर भी कोई साफ नही ।
बहुत सुंदर

Kuldeep Saini said...

very nice :)

http://ekkavitaa.blogspot.in/2010/01/blog-post_6028.html