Friday, January 8, 2010

बेवफ़ाई का सच!



कल मुझे इक खबर ने दुखी कर दिया!


मेरे  दोस्त का तलाक हो गया!


आम बात(खबर) है ये आज कल,


पर मेरे दुखी होने की वजह और थी,


दोनों ’तलाक शुदा’ व्यक्ति मेरे दोस्त रहे थे!


एक (उनकी) शादी से पहले और एक शादी के बाद! 




हांलाकि मैं तलाक की वजह नहीं था!




पर अफ़सोस कि बात ये के


काश उन दोनों मे से ,


कोई एक तो ऐसा होता,




जो मोहब्बत की कद्र कभी तो समझता!
शादी से पहले या शादी के बाद !

6 comments:

shama said...

Ham isee kaash pe aake tham jate hain!

वाणी गीत said...

मुहब्बत की क़द्र करने वाले अलग होने की बात सोचते ही नहीं ..
क्या बात कह दी ...

वन्दना said...

vani ji ne bilkul sahi baat kahi hai.

दिगम्बर नासवा said...

तलाक़ होना मतलब मुहब्बत न होना .......... ऐसा कहना शायद पूरी तरह से ठीक नही ......... पर कुछ हद तक ठीक है........

योगेश स्वप्न said...

SAHI HAI ...............KAASH.

shama said...
This comment has been removed by the author.