उम्र की नाप का पैमाना क्या है?
साल,
माथे या गालों की झुर्रियां,
सफ़ेद बालों की झलक,
मैं मानता नहीं,
उम्रदराज़ होने के लिये,
न तो सालों लम्बे सफ़र की ज़रूरत है,
और न अपने चेहरे पे वख्त की लकीरें उकेरने की,
उम्र तो वो मौसम है ज़िन्दगी का,
जो दबे पांव चला आता है,
अचानक कभी भी,
और सिखा जाता है,
सारे दांव पेंच ,दुनियादारी के,
आप मानते नहीं ,
चलो जाने दो,
अगली बार जब ट्रैफ़िक लाइट पर रुको,
तो कार के शीशे से बाहर देखना,
छै से दस साल की कई कम उम्र लडकियां ,
अपनी गोद में खुद से जरा ही कम बच्चे को लिये,
दिख जायेंगी,
उम्र नापने के सारे पैमाने,
तोड देने का दिल करेगा मेरे दोस्त!
और तब,
एक बार,
सिर्फ़ एक बार,
उन सब ’हेयर कलर’ और ’स्किन क्रीम’ के
नाम याद करने की कोशिश करना,
जो उम्र के निशान मिटा देने का दावा करते है,
उन में से एक भी,
उम्र के,
