चंदन रंग गुलाल हमारे पास नही,
उसके चिकने गाल हमारे पास नहीं।
होली कैसे होगी इस फ़ागुन सोचो
साली,सरहज ससुराल हमारे पास नही
मंहगाई की गोरी कितनी सुन्दर है,
पर पैसो की टकसाल हमारे पास नही।
राजा पहुंच गये २ जी की मन्ज़िल को,
कैसी भोली जनता जिसे मलाल नही।
